Issaqbaazi Lyrics – ZERO:

Singer: Sukhwinder Singh & Divya Kumar
Music: Ajay-Atul
Lyrics: Irshad Kamil
Director: Aanand L Rai

इस्साक़बाज़ी लिरिक्स - Issaqbaazi Lyrics

प्रेम ना उपजे खेत में
भैया प्रेम बिके ना हाट रे
पर जब जब ये हो जाए
लग जाती है वात रे
वात रे…
खड़ी हो जाएगी खाट रे..

मदुआ पीक प्रेम का हम
है तानीक बौराए से
रे वो माशूका, यार हम हैं
बीच ना कोई आए रे
हो उसके नैना नीट दारू-
से गाज़ाब चढ़ जायें रे

हो तब से हुमरी है वो जब से
जाग में आससिक़ आए रे
कसम से.. धरम से..
कसम से जियरा चकनाचूर है
इष्क़बाज़ी से
कसम से जियरा चकनाचूर है
इष्क़बाज़ी से
कसम से जियरा चकनाचूर है
इस्साक़बाज़ी से

हो तब से हुमरी है वो जब से
जाग में आससिक़ आए रे
कसम से.. धरम से..
कसम से जियरा चकनाचूर है
इष्क़बाज़ी से
कसम से जियरा चकनाचूर है
इष्क़बाज़ी से
कसम से जियरा चकनाचूर है
इस्साक़बाज़ी से

हो.. तुम का जानो प्रीत की चिड़िया
कौन गगन मेईनद्ती है

प्रीत हुमारी परछाई है
जहाँ मुड़े हम मुड़ती है

हो लग जैबे है तेजज कटारी
बड़ी ज़ोर से सीने में

दर्द बड़ा हो तबाही आवे है
बड़ा मज़ा जीने में

हो उसका हुमरा मेल अनोखा
उसका हुमरा मेल अनोखा
वो लेहायर हम पानी हैं

तुम हो पानी हम किनारा
लेहायर हम तक आनी है

कसम से.. धरम से..
कसम से जियरा चकनाचूर है
इस्स्क़बाज़ी से
कसम से जियरा चकनाचूर है
इसाक़बाज़ी से
कसम से जियरा चकनाचूर है
इस्साक़बाज़ी से

हो हो…
हम उस से प्रेम गाज़ाब करते
वो हुंसे प्रेम गाज़ाब करती
वो हुमरे लिए ज़रूरी है
वो हुमरे बिना अधूरी है

हम तोसे उसको लदवाएँगे
इतना हम भड़काएँगे
तू चमचा होज़ा चाहे उसका
मानेगी ना बात

हो एक बट्‍टे दो (1/2) आससिक़
टॉहरी कैसे होगी चोरी रे
अपने कद से उँचा ना तू
सपनो का चरखा काट

करात है क्यूँ बातें उमर से बड़ी
तू देसी दीवाना वो इंग्लीश पारी

रे साहिबा पढ़कू थी
मिर्ज़ा था तैईयन
तब भी तो वो इंग्लीश है
देसी हूँ मैं

है जिया ले गयी है रे टॉहरी ये बात
आ करले तू यारी मिला हुंसे हाथ

आ करले तू यारी… मिला हुंसे हाथ

धिन ताक धिन ताक
धिन ताक ढा…