SAFAR LYRICS – Notebook | Mohit Chauhan


Safar Lyrics – Notebook: 

Singer: Mohit Chauhan
Lyrics: Kaushal Kishore
Music: Vishal Mishra
Cast: Zaheer Iqbal & Pranutan Bahl
Director: Nitin Kakkar

सफ़र लिरिक्स - Safar Lyrics

ओह बंदेया ढूँढे है क्या
राहें तेरी है घर तेरा
चलना वहाँ, जाना वहाँ
खुद तक कहीं पहुँचे जहाँ

कदम उठा और साथ में हो ले
शहर शहर यह तुझसे देखो बोले
तुकार तुकार यूँ अपने नैना खोले
ज़िंदगी पी ले ज़रा

बहती हवाओं के जैसे हैं इरादे
उड़ते परिंदों से सीखी हैं जो बातें
अंजानी राहों पे कोई मैं चला

मैं सफ़र में हूँ, खोया नही
मैं सफ़र में हूँ, खोया नही
मैं सफ़र में हूँ, खोया नही
मैं सफ़र में हूँ, खोया नही

तोड़ा आयेज बढ़ें
मैने जाना यह
सच है तो क्या है
उलझे उलझे सब सवाल
ज़िंढ़गी है ये क्या
मैं कौन हूँ
मैने यह जाना
मुझे मिल ही गये सब जवाब

देखो ना हवा कानों में मेरे कहती क्या
बोली वेख फ़रीदा मिट्टी खुली
मिट्टी उत्ते फ़रीदा मिट्टी धुल्ली
चार डिना दा जी ले मेला दुनिया
फिर जाने होना क्या…

बहती हवाओं के जैसे हैं इरादे
उड़ते परिंदों से सीखी हैं जो बातें
अंजानी राहों पे कोई मैं चला

मैं सफ़र में हूँ, खोया नही
मैं सफ़र में हूँ, खोया नही
मैं सफ़र में हूँ, खोया नही
मैं सफ़र में हूँ, खोया नही

यह कैसा सफ़र है जो यून डूबा रहा
जाता हूँ कहीं मैं या लौट के आ रहा
वो चेहरे वो आँखें, वो यादें पुरानी
मुझे पूचहति
यह नादिया का पानी भी बहता है कहता यही

मैं सफ़र में हूँ, खोया नही
मैं सफ़र में हूँ, खोया नही
मैं सफ़र में हूँ, खोया नही
मैं सफ़र में हूँ, खोया नही
खोया नही, खोया नही
खोया खोया खोया खोया नही
मैं सफ़र में हूँ, खोया नही